Islam Ke 25 Important Alfaz: 25 इस्लामी अल्फ़ाज़
क्या आपने कभी सोचा कि दिन भर में हमारे मुंह से जो अलफ़ाज़ निकलते हैं या जो कुछ हम बोलते हैं, उस में से एक-एक लफ्ज़ हमारे नाम-ए-आमाल (Deeds) में लिखा जाता है, किसी लफ्ज़ पर नेकी लिखी जाती है … Read more
क्या आपने कभी सोचा कि दिन भर में हमारे मुंह से जो अलफ़ाज़ निकलते हैं या जो कुछ हम बोलते हैं, उस में से एक-एक लफ्ज़ हमारे नाम-ए-आमाल (Deeds) में लिखा जाता है, किसी लफ्ज़ पर नेकी लिखी जाती है … Read more
सलातुत तस्बीह (Salatul Tasbeeh Namaz Ka Tariqa) एक नमाज़ है, इसमें “सलात” का मतलब ‘नमाज़‘ और तस्बीह का मतलब ‘अल्लाह की पाकी बयान करना’ होता है, और इस नमाज़ को पढ़ने से इंसान के गुज़रे हुए, आने वाले, छोटे-बड़े, जान-बूझकर … Read more
Sadqa Aur Zakat Me Kya Farq Hai? : कभी कभी ऐसा लगता है कि हम इतनी मेहनत करते हैं, पैसा कमाते हैं, लेकिन फिर भी घर में वो ‘बरकत’ नज़र नहीं आती जिसकी हमें तलाश है? दूसरी तरफ़ बीमारियां, परेशानियां … Read more
Kin Chizon Se Roza Makrooh Hota Hai? जब आप रोज़ा रखते हैं तो उन सारी चीज़ों से बचते हैं जिन से रोज़ा टूट जाता है, क्यूंकि इससे रोज़ा टूट जाता है लेकिन क्या आप उन चीज़ों से बचते हैं जो … Read more
रमज़ान का मुकद्दस महीना अल्लाह की तरफ से हम गुनहगारों के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा है। और हम भी बड़ी अक़ीदत और मोहब्बत के साथ रोज़े रखते हैं, लेकिन कई बार अनजाने में हम से कोई भूल हो जाती … Read more
Sadqa Kya Hai? अगर कोई ये समझता है कि इस्लाम सिर्फ़ ख़ुदा की इबादत (नमाज़, रोज़ा) पर ही ज़ोर देता है, और इसके यहाँ बन्दों की ख़िदमत की कोई जगह नहीं, तो वो बिलकुल ग़लत सोच रहा है, क्यूंकि इस्लाम … Read more
Roze Ka Kaffara Kaise Ada Kare? : रमज़ान और उसमें रखे जाने वाले रोज़े अल्लाह की तरफ़ से मोमिनों के लिए बहुत बड़ी नेमत हैं। इस मुक़द्दस महीने में हर बालिग़ और अक़्लमंद मुसलमान पर रोज़े फ़र्ज़ किए गए हैं। लेकिन … Read more
रमज़ान का महीना “बरकत” और “रहमत” का महीना है। और इस महीने में हम बड़े शौक़ और अक़ीदत से रोज़ा रखते हैं, लेकिन कई बार अनजाने में हम से ऐसे काम हो जाते हैं, जिनसे हमारा रोज़ा टूट जाता है, … Read more
रमज़ान का मुकद्दस महीना हर मुसलमान के लिए रहमत और मग़फ़िरत (बख्शिश) लेकर आता है। और हर मुसलमान चाहता है कि उसके रोज़े क़ज़ा न हों, लेकिन क्या करें, कभी बीमारी आ जाती है, कभी सफ़र करना पड़ जाता है, … Read more
अज़ीज़ों! हमारे पास सब कुछ है दौलत भी, तालीम भी, टेक्नोलॉजी भी लेकिन फिर भी दिल बेचैन है, नींद उड़ चुकी है, सुकून ग़ायब है। हर कोई पूछ रहा है: “दिल को इत्मीनान कैसे मिले?” “ज़िंदगी में बरकत क्यों नहीं?” … Read more