100 One Liner Duayen In Hindi : दुआ एक ऐसी इबादत है जो बंदे को सीधे उसके रब से जोड़ देती है बगैर किसी वसीले और दूरी के। और दुआ सिर्फ मुँह से बोले गए अलफ़ाज़ नहीं होते, बल्कि दिल की आवाज़ होती है, जो अल्लाह तक सीधे पहुंचती है और उसे अपने बंदे के और करीब कर देती है।
यही वो अमल है जिसके जरिए इंसान अपने हर दुःख दर्द, परेशानी और मसले का हल मांग सकता है। और अपनी जिंदगी को सुकून, इत्मीनान और बरकत से भर सकता है, इसीलिए कुरआन और हदीस में दुआ की अहमियत बार-बार बयान की गई है।
कुरआन में अल्लाह तआला खुद फ़रमाते हैं,
"मुझसे मांगो, मैं तुम्हारी दुआ कबूल करूंगा"
(सूरह ग़ाफ़िर 40:60)।
इस पोस्ट में हमने एक लाइन की 100 दुआएँ (100 One Liner Duayen In Hindi) जिक्र की हैं, जो न सिर्फ आपकी जिंदगी को संवारेंगी, बल्कि दीन, दुनिया और आख़िरत में कामयाबी का जरिया बनेंगी। तो चलिए इन दिल को छू लेने वाली दुआओं के जरिए अपने रब से जुड़ें और हर परेशानी का हल तलाशें।
100 One Liner Duayen In Hindi
1. या अल्लाह! हमारे गुनाह माफ़ फरमा।
2. या अल्लाह! हमें अपनी बंदगी की तौफीक अता फरमा।
3. या अल्लाह! हमें तौबा की तौफीक दे और अपने करीब कर ले।
4. या अल्लाह! हम सबको नेकी करने की तौफीक अता फरमा।
5. या अल्लाह! हम सबको सच्ची तौबा नसीब फरमा।
6. या अल्लाह! हम सबको गुनाहों से बचा ले।
7. या अल्लाह! हमें बुरे कामों, बुरी बातों और बुरे अंजाम से बचा ले ।
8. या अल्लाह! हमें हराम खाने, देखने, और सुनने से बचा ले ।
9. या अल्लाह! हमें झूठ और धोके से बचा ले ।
10. या अल्लाह! हमें हसद और कीना से बचा ले।
11. या अल्लाह! हमें बुराइयों से बचा ले और अच्छाइयां करना नसीब फरमा
12. या अल्लाह! हमें नेक काम करने की तौफीक दे।
13. या अल्लाह! हमें नमाज का पाबन्द बना दे और क़ुरान की तिलावत का आदी बना दे।
14. या अल्लाह! हमें दीन का समझने वाला और उस पर अमल करने वाला बना दे ।
15. या अल्लाह! हमें इल्म सीखने और सिखाने वाला बना दे ।
16. या अल्लाह! हमें मुत्तकी और परहेजगार बना दे ।
17. या अल्लाह! हमें नेक सोहबत अता फरमा और बुरी सोहबत से बचा ले।
18. या अल्लाह! हमें सुन्नत पर अमल करने वाला बना दे।
19. या अल्लाह! हमें नेक अमल करने वाला बना दे।
20. या अल्लाह! हमें दीन पर साबित क़दम फरमा।
21. या अल्लाह! हमें दीन की ख़िदमत करने वाला बना दे ।
22. या अल्लाह! हम सब से दीन का काम ले ले।
23. या अल्लाह! हमारे वालिदैन को सेहत अता फरमा दे।
24. या अल्लाह! हमें माँ-बाप की खिदमत की तौफीक अता फ़रमा।
25. या अल्लाह! हमें उनको मोहब्बत से देखने वाला और उनके दुख-दर्द समझने वाला बना।
26. या अल्लाह! हमें अपने माँ बाप का फरमा बरदार बना दे ।
27. या अल्लाह! हमारे वालिदैन की उम्र बढ़ा दे और उनको शिफा दे दे ।
28. या अल्लाह! हमारे वालिदैन को जन्नत में आला मक़ाम नसीब फ़रमा ।
29. या अल्लाह! नाफ़रमान औलाद को फरमाँबरदार बना और उन्हें माँ-बाप की आँखों की ठंडक बना।
30. या अल्लाह! हमें अपने बच्चों की सही तरबियत करने वाला बना दे ।
31. या अल्लाह! हमारी नस्लों की मग़फिरत फरमा और उन्हें नेक रास्ते पर चला दे ।
32. या अल्लाह! जिनके यहाँ औलाद नहीं है, उनको नेक औलाद अता फरमा दे ।
33. या अल्लाह! हमारे नौजवानों को गुनाहों से बचा ले ।
34. या अल्लाह! हमारे नौजवानों को नशे और बुरी आदतों से बचा ले ।
35. या अल्लाह! उनकी जवानी को अपनी इबादत में लगा दे।
36. या अल्लाह! हमें हर छोटे-बड़े गुनाह से बचा ले
37. या अल्लाह! हमें दुनिया की मोहब्बत में गुम होने से बचा ले ।
38. या अल्लाह! हमें नेक दोस्त अता फरमा और बुरों की दोस्ती से बचा ले ।
39. या अल्लाह! हमें अच्छे अखलाक वाला बना दे ।
40. या अल्लाह! हमारे घर वालों को सलामती, मोहब्बत और बरकत अता फरमा।
41. या अल्लाह! हमारे घरों को जन्नत का नमूना बना।
42. या अल्लाह! हमारे घरों में दीनी माहौल और खुशहाली अता फरमा दे ।
43. या अल्लाह! हमारी जिंदगी को खैर, बरकत और सुकून से भर दे।
44. या अल्लाह! हमें हलाल कमाई करने वाला और हराम से दूर रहने वाला बना दे ।
45. या अल्लाह! हमें हलाल रिज्क़ अता फरमा और उसमें बरकत अता फरमा।
46. या अल्लाह! हमारा रिज्क खोल दे और उसमें वुसअत अता फरमा दे ।
47. या अल्लाह! हमें शिफा अता फरमा।
48. या अल्लाह! हमें सेहत अता फरमा।
49. या अल्लाह! तमाम बीमारों को शिफा अता कर।
50. या अल्लाह! हमें शैतान के शर और फ़ितने से बचा ले ।

51. या अल्लाह! हमें जिना और बद नजरी से बचा ले ।
52. या अल्लाह! हमें जुल्म करने या ज़ुल्म किये जाने से बचा ले ।
53. या अल्लाह! हमें जालिमों के जुल्म से बचा और हासिदीन के हसद से बचा ले ।
54. या अल्लाह! हमें हर आजमाइश से बचा।
55. या अल्लाह! हमें दुनिया व आख़िरत की रुसवाई से बचा ले ।
56. या अल्लाह! हमें हर परेशानी और मुसीबत से निजात दे।
57. या अल्लाह! हमें हर ग़म और फ़िक्र से आज़ाद कर दे।
58. या अल्लाह! सारे मुसलमानों की हिफाजत फरमा।
59. या अल्लाह! हमारे मस्जिदों और मदरसों की हिफाजत फरमा।
60. या अल्लाह! हमारे खानकाहों और इबादत गाहों की हिफाजत फरमा।
61. या अल्लाह! हमें दुनिया व आख़िरत में कामयाब कर दे।
62. या अल्लाह! हमारे दिलों में अपना खौफ और मोहब्बत पैदा कर दे।
63. या अल्लाह! हमारे दिलों को पाक कर दे और हमारी ज़ुबान को साफ कर दे।
64. या अल्लाह! हमारे दिलों को रोशन कर दे।
65. या अल्लाह! हमारा दिल नरम कर दे।
66. या अल्लाह! हमारे दिल को पाक साफ फरमा दे।
67. या अल्लाह! हमें सच्चा और अमानतदार बना।
68. या अल्लाह! हमें अपनी रहमतों का हकदार बना।
69. या अल्लाह! हमें सब्र और शुक्र करने वाला बना।
70. या अल्लाह! हमें सदका देने और दूसरों की मदद करने वाला बना।
71. या अल्लाह! हमें ग़रीबों और कमज़ोरों की मदद करने वाला बना।
72. या अल्लाह! अपनी मुहब्बत की आग हमारे सीने में लगा दे।
73. या अल्लाह! हमें क़ब्र के अज़ाब से महफूज़ रख और हमारी क़ब्र को जन्नत का बाग़ बना।
74. या अल्लाह! इससे पहले कि मौत आ जाए हमें नेक अमल करने की तौफीक दे।
75. या अल्लाह! हमें मौत की सख्ती और क़ब्र के अजाब से बचा।
76. या अल्लाह! हमें जहन्नम की हौल्नाकी से बचा।
77. या अल्लाह! हमें जन्नतुल फिरदौस अता कर।
78. या अल्लाह! हमें जन्नत में अपने नेक बंदों के साथ शामिल कर।
79. या अल्लाह! हमें अपने खास बंदों में शुमार फरमा।
80. या अल्लाह! हमें अपने घर का हज नसीब फरमा।
81. या अल्लाह! हमें मदीने की ज़ियारत अता फरमा।
82. या अल्लाह! हमें नेक जिंदगी अता फरमा।
83. या अल्लाह! हमें अच्छा और नेक इंसान बना।
84. या अल्लाह! हमें अपने रहम और करम से नवाज़ दे।
85. या अल्लाह! हमें अपनी रहमत और करम से ढक ले।
86. या अल्लाह! हमारे इल्म में इजाफा अता फरमा।
87. या अल्लाह! हमारी जायज दुआएँ कबूल फरमा।
88. या अल्लाह! हमें हर चीज़ में तेरा रज़ा तलाश करने वाला बना दे।
89. या अल्लाह! मेरे आंसुओं को दुआ की कबूलियत का जरिया बना दे।
90. या अल्लाह! हमें, हमारे माँ-बाप को, हमारी औलाद को, हमारी नस्लों को अपनी मग़फिरत से नवाज़ दे।
91. या रब्बुल आलमीन! मेरी परेशानियों को आसानियों में बदल दे।
92. या रब! मुझे हर फैसले में सही राह दिखा और गुमराही से बचा ले ।
93. ऐ अल्लाह! मुझे अपने ज़िक्र में मशगूल रहने वाला बना।
94. या करीम! मेरे दिल में दूसरों के लिए रहम और मोहब्बत पैदा कर दे।
95. ऐ अल्लाह! मेरी नियत को पाक और मेरे अमल को कबूल फरमा।
96. या अल्लाह! मेरे वक्त और जिंदगी में खैर और बरकत अता फरमा।
97. या अल्लाह! जब मेरा दिल टूट जाए, तो मुझे अपने करीब कर ले।
98. ऐ अल्लाह! जब कोई समझ न पाए, तो तू मुझे समझने वाला बन जा।
99. या अल्लाह! जो कुछ हमने माँगा है, वो अता फरमा। और जो माँगना भी नहीं आता, वो भी अपनी रहमत से अता फरमा
100. या रहमान, या रहीम, हमारी दुआओं महज़ अपने फज्लो करम से क़ुबूल फरमा।
सल्लल्लाहु अला मोहम्मदिव वा अला आलिही वसल्लम।
आमीन सुम्मा आमीन।