Dua e Noor (दुआए नूर) एक ऐसी मुबारक और रूहानी दुआ है, जिसमें अल्लाह तआला की सिफ़ात (ख़ूबियों) का ज़िक्र है, और उसकी की हम्द व सना (तारीफ़) बड़े ख़ूबसूरत अन्दाज़ में की गयी है। इसमें अल्लाह के अस्मा-उल-हुस्ना और उसकी अज़मत व जलाल का बयान मिलता है। इस दुआ के पढ़ने से दिल को सुकून, रूह को सफ़ा और ज़िंदगी में बरकत हासिल होती है।
Dua e Noor In Hindi
अल्लाहुम्मा या नूरन नूर, तनव वरता बिन नूर, वन नूरु फ़ी नूरि नूरिका या नूर
अल्लाहुम्मा या अज़ीज़, तअज़्ज़ज़्ता बिल इज़्ज़ह, वल इज़्ज़तु फ़ी इज़्ज़ति इज़्ज़तिक या अज़ीज़
अल्लाहुम्मा या जलील, तजल लल्त बिल जलाल, वल जलालु फ़ी जलालि जलालिका या जलीलु
अल्लाहुम्मा या वह्हाब, तवह्हब्ता बिल हिबह, वल हिबतु फ़ी हिबति हिबातिका या वह्हाब
अल्लाहुम्मा या अज़ीम, तअज़्ज़मता बिल अज़मह, वल अज़मतु फ़ी अज़्मति अज़्मतिका या अज़ीम
अल्लाहुम्मा या अलीम, त अल्लमता बिल इल्म, वल इल्मु फ़ी इल्मि इल्मिका या अलीम
अल्लाहुम्मा या क़ुद्दूस, तकद्दस्ता बिल क़ुद्स, वल क़ुद्सु फ़ी क़ुद्सि क़ुद्सिका या क़ुद्दूस
अल्लाहुम्मा या जमीळ, तजम्मल्ता बिल जमाल, वल जमालु फ़ी जमालि जमालिका या जमीळ
अल्लाहुम्मा या सलाम, तसल्लमता बिस्सलाम, वस्सलामु फ़ी सलामि सलामुका या सलाम
अल्लाहुम्मा या सबूर, तसब्बरता बिस्सबर, वस सबरू फ़ी सबरि सबरिका या सबूर
अल्लाहुम्मा या मलीक, तमल्लकता बिल मलकूत, वल मलकूतु फ़ी मलकूति मलकूतिक या मलीक
अल्लाहुम्मा या रब्ब, तरब्बब्ता बिर् रबूबिय्यह, वर् रबूबिय्यतु फ़ी रुबूबिय्यति रुबू बिय्यतिक या रब
अल्लाहुम्मा या मन्नान, तमन्नन्ता बिल मिन्नह, वल मिन्नतु फ़ी मिन्नति मिन्नतिक या मन्नान
अल्लाहुम्मा या हकीम, तहक्कम्ता बिल हिक्मह, वल हिक्मतु फ़ी हिक्मति हिक्मतिक या हकीम
अल्लाहुम्मा या हमीद, तहम्मद्ता बिल हम्द, वल हम्दु फ़ी हम्दि हम्दिका या हमीद
अल्लाहुम्मा या वाहिद, तवह्हद्ता बिल वह्दा निय्यह, वल वह्दा निय्यतु फ़ी वह्दा निय्यति वह्दा निय्यतिका या वहीद
अल्लाहुम्मा या फर्द, तफर् रत्ता बिल फ़रदानिय्यह, वल फ़रदानिय्यतु फ़ी फ़रदा निय्यति फ़रदा निय्यतिका या फर्दु
अल्लाहुम्मा या हलीम, तहल्लम्ता बिल हिल्म, वल हिल्मु फ़ी हिल्मि हिल्मिका या हलीम
अल्लाहुम्मा या क़दीर, तकद्दरता बिल क़ुदरह, वल क़ुदरतु फ़ी क़ुदरति क़ुदरतिक या क़दीर
अल्लाहुम्मा या क़दीम, तकद्दम्ता बिल क़िदम, वल क़िदमु फ़ी क़िदमि क़िदमिक या क़दीम
अल्लाहुम्मा या शाहिद, तशह्हद्ता बिश्शहादह, वश्शहादतु फ़ी शहादति शहा दतिक या शाहिद
अल्लाहुम्मा या क़रीब, तक़र रब्ता बिल क़ुर्ब, वल क़ुरबु फ़ी क़ुरबि क़ुरबिका या क़रीब
अल्लाहुम्मा या नसीर, तनस सरता बिन्नुसरह, वन नुसरतु फ़ी नुसरति नुसरतिक या नसीर
अल्लाहुम्मा या सत्तार, तसत सरता बिस सत्र, वस सत्रु फ़ी सतरि सत्रिका या सत्तार
अल्लाहुम्मा या क़ह्हार, तकह्हरता बिल क़ह्र, वल क़हरु फ़ी क़हरि क़हरिका या क़ह्हार
अल्लाहुम्मा या रज़्ज़ाक़, तरज़्ज़क़ता बिर रिज़्क़, वर रिज़्क़ु फ़ी रिज्क़ि रिज्क़िका या रज़्ज़ाक़
अल्लाहुम्मा या ख़ल्लाक़, तख़ल्लक़ता बिल ख़ल्क़, वल ख़ल्क़ु फ़ी ख़ल्क़ि खल्क़िका या ख़ल्लाक़
अल्लाहुम्मा या फ़त्ताह, तफ़त्तह्ता बिल फ़त्ह, वल फ़त्हु फ़ी फ़त्हि फ़त्हिका या फ़त्ताह
अल्लाहुम्मा या रफ़ीअ, रफअ्ता बिर् रफ़अह, वर्रफ़अतु फ़ी रफ़अ’ति रफ़अ’तिक या रफ़ीअ
अल्लाहुम्मा या हफ़ीज़, तहफ़्फ़ज़्ता बिल हिफ्ज़, वल हिफ्ज़ु फ़ी हिफ्ज़ि हिफ्ज़िका या हफ़ीज़
अल्लाहुम्मा या मुफ़दिल, तफ़द्दल्ता बिल फद्ल, वल फ़द्लू फ़ी फद्लि फद्लिका या मुफ़दिल
अल्लाहुम्मा या वासिल, तवस्सल्ता बिल वस्ल, वल वस्लु फ़ी वस्लि वस्लिका या वासिल
अल्लाहुम्मा या लतीफ़, तलत्तफ़्ता बिल लुत्फ़, वल लुत्फ़ु फ़ी लुत्फ़ि लुत्फ़िका या लतीफ़
अल्लाहुम्मा या क़ाबिद, क़बद्ता बिल क़ब्द, वल क़ब्दु फ़ी क़ब्दि क़ब्दिका या क़ाबिद
अल्लाहुम्मा या ग़फ्फार, ग़फरता बिल मग़फिरह, वल मग़फिरतु फ़ी मग़फिरति मग़फिरतिक या ग़फ्फार
अल्लाहुम्मा या जब्बार, जब्बरता बिल जबरूत, वल जबरूतु फ़ी जबरूति जबरूतिका या जब्बार
अल्लाहुम्मा या समीअ, समिअ्ता बिस्सम्अ, वस्सम्उ फ़ी सम्इ सम्इका या समीअ
अल्लाहुम्मा या कबी़र, तकब्बरता बिल किबरिया, वल किब्रियाउ फ़ी किब्रियाइ किब्रियाइका या कबी़र
अल्लाहुम्मा या करीम, तकर रम्ता बिल करम, वल करमु फ़ी करमि करमिका या करीम
अल्लाहुम्मा या रहीम, तरह्हम्ता बिर रहम, वर रहमु फ़ी रहमि रह-मतिका या रहीम
अल्लाहुम्मा या मजीद, तमज्जद्ता बिल मज्द, वल मज्दु फ़ी मज्दि मज्दिका या मजीद
या मुजीब, या अल्लाह, या रहमान, या रहीम, या हय्यू, या हलीम, या अज़ीज़, या नूरन नूर
या ला इलाहा इल्ला हुवा अलैहि तवक्कल्तु वहुवा रब्बुल अरशिल अज़ीम
अलहम्दु लिल्लाहिल वह्हाब, सुब्हानल मजीद, सुब्हानस सबूर, सुब्हानल बसीर, सुब्हानल मानि’अ, सुब्हानल क़य्यूम
सुब्हानल बर्र, सुब्हानल मुआफ़ी, सुब्हानल अव्वल, सुब्हानल मु’इज़्ज़, सुब्हानज़ जाहिर, सुब्हानश् शाफ़ी, सुब्हानल काफ़ी,
सुब्हानस सलाम, सुब्हानल मुअ’मिन, सुब्हानल मुहैमिन, सुब्हानल मुसव्विर, सुब्हानन नासिर, सुब्हानल वाहिद,
सुब्हानल अहद, सुब्हानल फ़र्द, सुब्हानर रहीम, सुब्हानल मुअख्ख़्ख़िर, सुब्हानल मुक़द्दम, सुब्हानद् दार्र
सुब्हानन नूर, सुब्हानल हादी, सुब्हानल मुक़द्दिर, सुब्हानल जलील, सुब्हानल मजीद, सुब्हानर रक़ीब
सुब्हानल्लाहि वल्हम्दु लिल्लाह, वला इलाहा इल्लल्लाहु वल्लाहु अकबर, वला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलिय यिल अज़ीम
सुब्हान मा यशाऊ बिक़ुद् रतिही, व यअ’लमु मा युरीदु बि़इज़्ज़तिही,
सुब्हानल्लाहि व बिहम्दिही, सुब्हान ज़िल अर्शिल अज़ीम, वल हैबतिवल क़ुद् रति वल किब् रियाइ वल जबरूत
सुब्हानल मलिकिल मक़सूद, सुब्हानल मलिकिल मौजूद, सुब्हानल मलिकिल मअबूद, सुब्हानल हय्यिल हकीम,
सुब्हानल्लाहि तवक्कल्तु अलल हय्यिल लज़ी ला यमूत, सुब्बूहुन क़ुद्दूसुन रब्बुल मलाइ कति वर्रूह
ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहु ला शरीक लह, लहुल मुल्कु वलहुल हम्दु लिल्लाहि वहुवा अला कुल्लि शैइन् क़दीर
या अल्लाह, या रहमान, या रहीम, या हय्यू, या क़य्यूम, या ज़ल जलालि वल इकराम, या नूरस समावाति वल अर्द,
या ला इलाहा इल्ला अंता, अलैका तवक्कल्तु, वा अन्त रब्बुल अरशिल अज़ीम
अल्लाहुम् मग़फ़िर ली बिहुर मति हाज़िहिल अस्मा, वस् रिफ अन्निद दर्राअ, वल बलाअ, वल हुमूमा वल गुमूम, वा जमीइल आफ़ात, वमिन औलादी व आबाई व उम्महाती, व अकरिबाई, व अ़शीरती, फ़इनना अलैका फ़ी जमीइल उमूरि इ’तिमादी
वस्सलातु वस्सलामु अला खैरि खल्किही मुहम्मदिव व आलिही, वा अस्हाबिही अजमईन, बिरहम तिका या अरहमर् राहिमीन
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Dua e Noor In English
Allahumma Ya Nooran Noor, Tanwwarta Bin Noor, Wan Nooru Fee Noori Noorika Ya Noor
Allahumma Ya Azeez, Ta Azzazta Bil Izzah, Wal Izzatu Fee Izzati Izzatika Ya Azeez
Allahumma Ya Jaleel, Tajallata Bil Jalal, Wal Jalalu Fee Jalali Jalalika Ya Jaleelu
Allahumma Ya Wahhab, Tawahhabta Bil Hibah ,Wal Hibatu Fee Hibati Hibatika Ya Wahhab
Allahumma Ya Azeem, Ta Azzamta Bil azmah, wal Azmatu Fee Azmati Azmatika Ya azeem
Allahumma Ya Aleem, Ta Allamta Bil ilm, wal ilmu Fee ilmi ilmika Ya aleem
Allahumma Ya Quddoos, Taqaddasta Bil Quds, Wal Qudsu Fee Qudsi Qudsika Ya Quddoos
Allahumma Ya jameel, tajammalta bil jamal, wal jamalu fee jamali jamalika ya jameel
Allahumma Ya Salam, Tasallamta Bis Salam, Was Salamu Fee Salami Salamuka Ya Salaam
Allahumma Ya Saboor, Tasabbarta Bis Sabr, Was Sabru Fee Sabri Sabrika Ya Saboor
Allahumma Ya Maleek, Tamallakta Bil Ma Lakoot, Wal Malakootu Fee Malakooti Ma Lakootika Ya Maleek
Allahumma Ya Rabb, Tarabbabta Bil Raboobiyyah, War Raboobiyyatu fee Raboobiyyati Raboobiyyatika Ya Rabb
Allahumma Ya Mannan, Tamannanta Bil Minnah, Wal Minnatu Fee Minnati Minnatika Ya Mannan
Allahumma Ya Hakeem, Tahakkamta Bil Hikmah, Wal Hikmatu Fee Hikmati Hikmatika Ya Hakeem
Allahumma Ya hameed, tahammatta bil hamd, wal hamdu fee hamdi hamdika ya hameed
Allahumma Ya Waahid, Tawahhatta Bil Wahda niyyati, Wal Wahda niyyatu Fee Wahda niyyati Wahda niyyatika Ya Waheed
Allahumma Ya Fard, Tafarratta Bil Farda Niyyah, Wal Farda Niyyatu Fee Farda Niyyati Farda Niyyatika Ya Fardu
Allahumma Ya Haleem, Tahallamta Bil Hilm, Wal Hilmu Fee Hilmi Hilmika Ya Haleem
Allahumma Ya Qadeer, Taqaddarta Bil Qudrah, Wal Qudratu Fee Qudrati Qudratika Ya Qadeer
Allahumma Ya Qadeem, Taqaddamta Bil Qidam, Wal Qidamu Fee Qidami Qidamika Ya Qadeem
Allahumma Ya Shaahid, Tashah hatta Bish Shahaadah, Wash Shahaadatu Fee Shahadati Shahadatika Ya Shaahid
Allahumma Ya Qareeb, Taqar Rabta Bil Qurb, Wal Qurabu Fee Qurabi Qurabika Ya Qareeb
Allahumma Ya Naseer, Tanassarta Bin Nusrah, Wan Nusratu Fee Nusrati Nusratika Ya Naseer
Allahumma Ya Sattar, Tasattarta Bis Satr, Was Satru Fee Satri Satrika Ya Sattar
Allahumma Ya Qahhar, Taqahharta Bil Qahr, Wal Qahru Fee Qahri Qahrika Ya Qahhar
Allahumma Ya Razzaq, Tarazzaqta Bir Rizq, War Rizqu Fee Rizqi Rizqika Ya Razzaq
Allahumma Ya Khallaq, Takhallaqta Bil Khalq, Wal Khalqu Fee Khalqi Khalqika Ya Khallaq
Allahumma Ya Fattah, Tafattahta Bil Fath, Wal Fathu Fee Fathi Fathika Ya Fattah
Allahumma Ya Rafeea rafa’ta Bir Raf ah, War Raf Atu Fee Raf Ati Rafatika Ya Rafee
Allahumma Ya Hafeez, Tahaffazta Bil Hifz, Wal Hifzu Fee Hifzi Hifzika Ya Hafeez
Allahumma Ya Mufdil, Tafaddalta Bil Fadl, Wal Fadlu Fee Fadli Fadlika Ya Mufdil
Allahumma Ya Waasil, Tawassalta Bil Wasl, Wal Waslu Fee Wasli Waslika Ya Waasil
Allahumma Ya Lateef, Talattafta Bil Lutf, Wal Lutfu Fee Lutfi Lutfika Ya Lateef
Allahumma Ya Qaabid qabadta Bil Qabd, Wal Qabdu Fee Qabdi Qabdika Ya Qaabid
Allahumma Ya Gaffar, Gafarta Bil Magfirah, Wal Magfiratu Fee Magfirati Magfiratika Ya Gaffar
Allahumma Ya Jabbar, Jabbarta Bil Jabaroot, Wal Jabarootu, Fee Jabarooti Jabarootika Ya Jabbar
Allahumma Ya Sameea, Samia’ta Bis Sam’a, Was Sam’u Fee Sam’i Samika Ya Samee’a
Allahumma Ya Kabeer’ Takbbarta Bil Kibriyaa, Wal Kibriyau Fee Kibriyai Kibriyaika Ya Kabeer
Allahumma Ya Kareem, Takar Ramta Bil Karam, Wal Karamu Fee Karami Karamika Ya Kareem
Allahumma Ya Raheem, Tarahhamta Bir Rahm, War Rahmu Fee Rahmi Rahmika Ya Raheem
Allahumma Ya Majeed, Tamajjatta Bil Majd, Wal Majdu Fee Majdi Majdika Ya Majeed
Ya mujeeb, Ya Allah, Ya Rahman, Ya Raheem, Ya Hayyu, Ya Haleem, Ya Azeez, Ya Nooran Noor
Ya La Ilaha Illa Huwa Alaihi Tawakkaltu Wa huwa Rabbul Arshil Azeem, Alhamdu Lil Laahil Wahhab, Subhaanal Majeed, Subhanas Saboor, Subhanal Baseer, Subhanal Maani’a, Subhaanal Qayyoom
Subhaanal Barr, Subhaanal Muaafee, Subhaanal Awwal, Subhaanal Muizz, Subhaanaz Zaahir, Subhaanash Shafee, Subhaanal Kaafee, Subhaanas Salaam
Subhanal muamin Subhaanal Muhaimin, subhanal musawwir, Subhaanan Naasir, Subhaanal Waahid, Subhaanal Ahad
Subhaanal Fard, Subhaanar Raheem, Subhaanal Muakhkhkhir, Subhanal Muqaddam, Subhanad Daarr
Subhanan Noor, Subhanal Hadee, Subhanal Muqaddir, Subhanal Jaleel, Subhaanal Majeed, Subhanal Raqeeb, Subhanal Lahi wal hamdu lil laah waLa Ilaha Illal Lahu Wal Laahu Akbar, Wala Haula Wala Quwwata Illa Bil Lahil Aliyyil Azeem
Subhana Mai Yashau Biqudratihi Wa ya’ lamu Ma Yureedu Bi Izzatihi Subhaanal Lahi Wa Bihamdihi Subhana Zil Arshil Azeem, Wal Haibati Wal Qudrati Wal Kibriyai Wal Jabaroot
Subhanal Malikil Maqsood, Subhaanal Malikil Maujood, Subhanal Malikil Ma’bood, Subhaanal Hayyil Hakeem, Subhanal Laahi Tawakkaltu Alal Hayyil Lazi La Yamoot
Subboohun Quddoosun Rabbul Malaikati War Rooh, La Ilaha Illal Laahu Wahdahu La Shareeka Lah Walahul Mulku Wa Lahul Hamdu Lil Lahi Wahuwa Ala Kulli Shai In Qadeer
Ya Allah, Ya Rahman, Ya Raheem, Ya Hayyu, Ya Qayyoom, Ya Zal Jalai Wal Ikram, Ya Nooras Samawati Wal Ard, Ya La Ilaha Illa Anta, Alaika Tawakkaltu, Wa Anta Rabbul Arshil Azeem
Allahummag Fil Li Bihurmati Hazihil Asmaa, Wasrif Annid Darrau, Wal Balaa, Wal Humooma Wal Gumoom, Wa Jameeil Aafat, Wamin Auladee Wa Aabaai Wa Ummahati, Wa Aqribaee, Wa Asheerati
Fa Inna Alaika Fee Jameeil Umooria’ Timadee, Was Salatu Was Salamu Ala Khairi Khalqihi Muhammadiw Wa Aalih, Wa Ashaabihi Ajmaeen, Birahmatika Ya Arhamar Rahimeen
Dua e Noor In Arabic
اللَّهُمَّ يَا نُورَ النُّورِ، تَنَوَّرْتَ بِالنُّورِ، وَالنُّورُ فِي نُورِي نُورِكَ يَا نُورُ
اللَّهُمَّ يَا عَزِيزُ، تَعَزَّزْتَ بِالْعِزَّةِ، وَالْعِزَّةُ فِي عِزَّةِ عِزَّتِكَ يَا عَزِيزُ
اللَّهُمَّ يَا جَلِيلُ، تَجَلَّيْتَ بِالْجَلَالِ، وَالْجَلَالُ فِي جَلَالِ جَلَالِكَ يَا جَلِيلُ
اللَّهُمَّ يَا وَهَّابُ، تَوَهَّبْتَ بِالْهِبَةِ، وَالْهِبَةُ فِي هِبَةِ هِبَتِكَ يَا وَهَّابُ
اللَّهُمَّ يَا عَظِيمُ، تَعَظَّمْتَ بِالْعَظَمَةِ، وَالْعَظَمَةُ فِي عَظَمَةِ عَظَمَتِكَ يَا عَظِيمُ
اللَّهُمَّ يَا عَلِيمُ، تَعَلَّمْتَ بِالْعِلْمِ، وَالْعِلْمُ فِي عِلْمِ عِلْمِكَ يَا عَلِيمُ
اللَّهُمَّ يَا قُدُّوسُ، تَقَدَّسْتَ بِالْقُدْسِ، وَالْقُدْسُ فِي قُدْسِ قُدْسِكَ يَا قُدُّوسُ
اللَّهُمَّ يَا جَمِيلُ، تَجَمَّلْتَ بِالْجَمَالِ، وَالْجَمَالُ فِي جَمَالِ جَمَالِكَ يَا جَمِيلُ
اللَّهُمَّ يَا سَلَامُ، تَسَلَّمْتَ بِالسَّلَامِ، وَالسَّلَامُ فِي سَلَامِ سَلَامِكَ يَا سَلَامُ
اللَّهُمَّ يَا صَبُورُ، تَصَبَّرْتَ بِالصَّبْرِ، وَالصَّبْرُ فِي صَبْرِي صَبْرُكَ يَا صَبُورُ
اللَّهُمَّ يَا مَلِيكُ، تَمَلَّكْتَ بِالْمَلَكُوتِ، وَالْمَلَكُوتُ فِي مَلَكُوتِ مَلَكُوتِكَ يَا مَلِيكُ
اللَّهُمَّ يَا رَبُّ، تَرَبَّبْتَ بِالرُّبُوبِيَّةِ، وَالرُّبُوبِيَّةُ فِي رُبُوبِيَّةِ رُبُوبِيَّتِكَ يَا رَبُّ
اللَّهُمَّ يَا مَنَّانُ، تَمَنَّنْتَ بِالْمِنَّةِ، وَالْمِنَّةُ فِي مَنَّةِ مَنَّتِكَ يَا مَنَّانُ
اللَّهُمَّ يَا حَكِيمُ، تَحَكَّمْتَ بِالْحِكْمَةِ، وَالْحِكْمَةُ فِي حِكْمَةِ حِكْمَتِكَ يَا حَكِيمُ
اللَّهُمَّ يَا حَمِيدُ، تَحَمَّدْتَ بِالْحَمْدِ، وَالْحَمْدُ فِي حَمْدِ حَمْدُكَ يَا حَمِيدُ
اللَّهُمَّ يَا وَاحِدُ، تَوَحَّدْتَ بِالْوَحْدَةِ، وَالْوَحْدَةُ فِي وَحْدَةِ وَحْدَتِكَ يَا وَاحِدُ
اللَّهُمَّ يَا فَرْدُ، تَفَرَّدْتَ بِالْفَرْدِ، وَالْفَرْدُ فِي فَرْدِ فَرْدِكَ يَا فَرْدُ
اللَّهُمَّ يَا حَلِيمُ، تَحَلَّمْتَ بِالْحِلْمِ، وَالْحِلْمُ فِي حِلْمِ حِلْمُكَ يَا حَلِيمُ
اللَّهُمَّ يَا قَدِيرُ، تَقَدَّرْتَ بِالْقُدْرَةِ، وَالْقُدْرَةُ فِي قُدْرَةِ قُدْرَتِكَ يَا قَدِيرُ
اللَّهُمَّ يَا قَدِيمُ، تَقَدَّمْتَ بِالْقِدَمِ، وَالْقِدَمُ فِي قِدَمِ قِدَمِكَ يَا قَدِيمُ
اللَّهُمَّ يَا شَاهِدُ، تَشَهَّدْتَ بِالشَّهَادَةِ، وَالشَّهَادَةُ فِي شَهَادَةِ شَهَادَتِكَ يَا شَاهِدُ
اللَّهُمَّ يَا قَرِيبُ، تَقَرَّبْتَ بِالْقُرْبِ، وَالْقُرْبُ فِي قُرْبِ قُرْبُكَ يَا قَرِيبُ
اللَّهُمَّ يَا نَصِيرُ، تَنَصَّرْتَ بِالنُّصْرَةِ، وَالنُّصْرَةُ فِي نُصْرَتِ نُصْرَتُكَ يَا نَصِيرُ
اللَّهُمَّ يَا سَتَّارُ، تَسَتَّرْتَ بِالسِّتْرِ، وَالسِّتْرُ فِي سِتْرِ سِتْرُكَ يَا سَتَّارُ
اللَّهُمَّ يَا قَهَّارُ، تَقَهَّرْتَ بِالْقَهْرِ، وَالْقَهْرُ فِي قَهْرِ قَهْرُكَ يَا قَهَّارُ
اللَّهُمَّ يَا رَزَّاقُ، تَرَزَّقْتَ بِالرِّزْقِ، وَالرِّزْقُ فِي رِزْقِ رِزْقُكَ يَا رَزَّاقُ
اللَّهُمَّ يَا خَلَّاقُ، تَخَلَّقْتَ بِالْخَلْقِ، وَالْخَلْقُ فِي خَلْقِ خَلْقُكَ يَا خَلَّاقُ
اللَّهُمَّ يَا فَتَّاحُ، تَفَتَّحْتَ بِالْفَتْحِ، وَالْفَتْحُ فِي فَتْحِ فَتْحُكَ يَا فَتَّاحُ
اللَّهُمَّ يَا رَفِيعُ، رَفَعْتَ بِالرِّفْعَةِ، وَالرِّفْعَةُ فِي رِفْعَةِ رِفْعَتِكَ يَا رَفِيعُ
اللَّهُمَّ يَا حَفِيظُ، تَحَفَّظْتَ بِالْحِفْظِ، وَالْحِفْظُ فِي حِفْظِ حِفْظُكَ يَا حَفِيظُ
اللَّهُمَّ يَا مُفْضِلُ، تَفَضَّلْتَ بِالْفَضْلِ، وَالْفَضْلُ فِي فَضْلِ فَضْلُكَ يَا مُفْضِلُ
اللَّهُمَّ يَا وَاصِلُ، تَوَصَّلْتَ بِالْوَصْلِ، وَالْوَصْلُ فِي وَصْلِ وَصْلُكَ يَا وَاصِلُ
اللَّهُمَّ يَا لَطِيفُ، تَلَطَّفْتَ بِاللُّطْفِ، وَاللُّطْفُ فِي لُطْفِ لُطْفُكَ يَا لَطِيفُ
اللَّهُمَّ يَا قَابِضُ، قَبَضْتَ بِالْقَبْضِ، وَالْقَبْضُ فِي قَبْضِ قَبْضُكَ يَا قَابِضُ
اللَّهُمَّ يَا غَفَّارُ، غَفَرْتَ بِالْمَغْفِرَةِ، وَالْمَغْفِرَةُ فِي مَغْفِرَتِ مَغْفِرَتُكَ يَا غَفَّارُ
اللَّهُمَّ يَا جَبَّارُ، جَبَرْتَ بِالْجَبَرُوتِ، وَالْجَبَرُوتُ فِي جَبَرُوتِ جَبَرُوتِكَ يَا جَبَّارُ
اللَّهُمَّ يَا سَمِيعُ، سَمِعْتَ بِالسَّمْعِ، وَالسَّمْعُ فِي سَمْعِ سَمْعُكَ يَا سَمِيعُ
اللَّهُمَّ يَا كَبِيرُ، تَكَبَّرْتَ بِالْكِبْرِيَاءِ، وَالْكِبْرِيَاءُ فِي كِبْرِيَائِ كِبْرِيَاؤُكَ يَا كَبِيرُ
اللَّهُمَّ يَا كَرِيمُ، تَكَرَّمْتَ بِالْكَرَمِ، وَالْكَرَمُ فِي كَرَمِي كَرَمُكَ يَا كَرِيمُ
اللَّهُمَّ يَا رَحِيمُ، تَرَحَّمْتَ بِالرَّحْمِ، وَالرَّحْمُ فِي رَحْمِ رَحْمُكَ يَا رَحِيمُ
اللَّهُمَّ يَا مَجِيدُ، تَمَجَّدْتَ بِالْمَجْدِ، وَالْمَجْدُ فِي مَجْدِ مَجْدُكَ يَا مَجِيدُ
يَا مُجِيبُ، يَا اللَّهُ، يَا رَحْمٰنُ، يَا رَحِيمُ، يَا حَيُّ، يَا حَلِيمُ، يَا عَزِيزُ، يَا نُورَ النُّورِ
لَا إِلٰهَ إِلَّا هُوَ، عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ، وَهُوَ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ
الْحَمْدُ لِلّٰهِ الْوَهَّابِ، سُبْحَانَ الْمَجِيدِ، سُبْحَانَ الصَّبُورِ، سُبْحَانَ الْبَصِيرِ، سُبْحَانَ الْمَانِعِ، سُبْحَانَ الْقَيُّومِ
سُبْحَانَ الْبَرِّ، سُبْحَانَ الْمُعَافِي، سُبْحَانَ الْأَوَّلِ، سُبْحَانَ الْمُعِزِّ، سُبْحَانَ الظَّاهِرِ، سُبْحَانَ الشَّافِي، سُبْحَانَ الْكَافِي،
سُبْحَانَ السَّلَامِ, سُبْحَانَ الْمُؤْمِنِ، سُبْحَانَ الْمُهَيْمِنِ، سُبْحَانَ الْمُصَوِّرِ سُبْحَانَ النَّاصِرِ، سُبْحَانَ الْوَاحِدِ، سُبْحَانَ الْأَحَدِ
سُبْحَانَ الْفَرْدِ، سُبْحَانَ الرَّحِيمِ، سُبْحَانَ الْمُؤَخِّرِ، سُبْحَانَ الْمُقَدِّمِ، سُبْحَانَ الضَّارِّ
سُبْحَانَ النُّورِ، سُبْحَانَ الْهَادِي، سُبْحَانَ الْمُقَدِّرِ، سُبْحَانَ الْجَلِيلِ، سُبْحَانَ الْمَجِيدِ، سُبْحَانَ الرَّقِيبِ
سُبْحَانَ اللّٰهِ، وَالْحَمْدُ لِلّٰهِ، وَلَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ، وَاللّٰهُ أَكْبَرُ، وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰهِ الْعَلِيِّ الْعَظِيمِ
سُبْحَانَ مَا يَشَاءُ بِقُدْرَتِهِ، وَيَعْلَمُ مَا يُرِيدُ بِعِزَّتِهِ
سُبْحَانَ اللّٰهِ وَبِحَمْدِهِ، سُبْحَانَ ذِي الْعَرْشِ الْعَظِيمِ، وَالْهَيْبَةِ وَالْقُدْرَةِ وَالْكِبْرِيَاءِ وَالْجَبَرُوتِ
سُبْحَانَ الْمَلِكِ الْمَقْصُودِ، سُبْحَانَ الْمَلِكِ الْمَوْجُودِ، سُبْحَانَ الْمَلِكِ الْمَعْبُودِ، سُبْحَانَ الْحَيِّ الْحَكِيمِ،
سُبْحَانَ اللّٰهِ تَوَكَّلْتُ عَلَى الْحَيِّ الَّذِي لَا يَمُوتُ سُبُّوحٌ قُدُّوسٌ رَبُّ الْمَلَائِكَةِ وَالرُّوحِ
لَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ، وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
يَا اللّٰهُ، يَا رَحْمٰنُ، يَا رَحِيمُ، يَا حَيُّ، يَا قَيُّومُ، يَا ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ، يَا نُورَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ،
لَا إِلٰهَ إِلَّا أَنْتَ، عَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ، وَأَنْتَ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ
اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي بِحُرْمَةِ هَذِهِ الْأَسْمَاءِ، وَاصْرِفْ عَنِّي الضَّرَّ وَالْبَلَاءَ وَالْهُمُومَ وَالْغُمُومَ وَجَمِيعَ الْآفَاتِ، وَمِنْ أَوْلَادِي وَآبَائِي وَأُمَّهَاتِي وَأَقَارِبِي وَعَشِيرَتِي, فَإِنَّ عَلَيْكَ فِي جَمِيعِ أُمُورِي اعْتِمَادِي
وَالصَّلَاةُ وَالسَّلَامُ عَلَى خَيْرِ خَلْقِهِ مُحَمَّدٍ وَآلِهِ وَأَصْحَابِهِ أَجْمَعِينَ، بِرَحْمَتِكَ يَا أَرْحَمَ الرَّاحِمِينَ