Roza Kin Chizon Se Nahi Tootta? 13 चीजें जिनसे रोज़ा नहीं टूटता

रमज़ान का मुकद्दस महीना अल्लाह की तरफ से हम गुनहगारों के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा है। और हम भी बड़ी अक़ीदत और मोहब्बत के साथ रोज़े रखते हैं, लेकिन कई बार अनजाने में हम से कोई भूल हो जाती है जिससे शक होने लगता है कि “कहीं मेरा रोज़ा टूट तो नहीं गया? ” “कहीं मेरी इतनी घंटों की भूख और प्यास बेकार तो नहीं हो गयी”।

लेकिन, लेकिन लेकिन… आप ख़ुद सोचें कि जिस रब ने हमें साल में सिर्फ एक मुबारक महीना दिया है, क्या वह हमारी छोटी-छोटी गलतियों पर हमें महरूम कर देगा? बिलकुल नहीं। दीन में सख्ती नहीं, बल्कि रहमत है।


रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:

"जो शख्स भूलकर खा-पी ले, तो वह अपना रोज़ा पूरा करे, क्योंकि उसे अल्लाह ने खिलाया-पिलाया है।"

(सहीह बुख़ारी)

देखिए, ये हदीस बता रही है कि दीन में कितनी रहमत है, कि अगर गलती से कुछ हो जाए, तो रोज़ा नहीं टूटता। और यह हदीस हमारे लिए कितनी बड़ी राहत है। कि हमारा रब इतना करीम है कि वह हमारी भूल-चूक से खाने को अपनी तरफ से ‘दावत’ करार दे रहा है।

अज़ीज़ों! इससे पहले हमने लिखा था कि रोज़ा किन चीज़ों से टूट जाता है लेकिन आज आप पढ़ेंगे Roza Kin Chizon Se Nahi Tootta? यानि वो 13 चीजें जिनसे रोज़ा नहीं टूटता,

तो मेरी आपसे गुज़ारिश है कि इस पोस्ट को बहुत ध्यान से पढ़ें, समझें इंशाअल्लाह, आज आप क़ुरआन और सुन्नत की रोशनी में ऐसा साफ़ जवाब पाएँगे कि रोज़े के मामले में कोई उलझन बाक़ी नहीं रहेगी।

Roza Kin Chizon Se Nahi Tootta?

Roza Kin Chizon Se Nahi Tootta? 13 चीजें जिनसे रोज़ा नहीं टूटता

वो चीज़ें जिनसे अक्सर लोग डरते हैं, मगर रोज़ा नहीं टूटता, इसलिए अपनी इबादत का मज़ा खराब मत कीजिये और ज़रा इन 13 चीज़ों को समझिये जिनसे रोज़ा नहीं टूटता:

अक्सर लोग डर जाते हैं कि भूल से कुछ खा लिया या पानी पी लिया तो रोज़ा टूट गया। लेकिन अगर आप पूरी तरह से भूल चुके थे कि आप रोज़े से हैं, और आपने कुछ खा या पी लिया तो इससे आपका रोज़ा नहीं टूटता।

सहीह बुखारी (1933) और सहीह मुस्लिम (1155)

रोज़े की हालत में मिस्वाक करने से रोज़ा बिल्कुल नहीं टूटता, चाहे वह नीम की कड़वी मिस्वाक ही क्यों न हो। हां, टूथपेस्ट (कोलगेट, क्लोज़अप आदि) से बचना चाहिए, क्योंकि उसका स्वाद या कण हलक (गले) के नीचे जाने का खतरा रहता है। लेकिन अगर कोई सावधानी से ब्रश करता है और पेस्ट पेट में नहीं जाता, तो रोज़ा नहीं टूटता।

सुनन अत-तिर्मिज़ी (725)

अगर आप बीमार हैं और आपको गोश्त (Muscle) में या नस (Vein) में इंजेक्शन लगवाना पड़े, तो इससे रोज़ा नहीं टूटता। रोज़ा उन चीज़ों से टूटता है, जो इंसान के स्वाभाविक रास्तों (जैसे मुंह या नाक) से पेट या दिमाग तक पहुंचें।

कई लोगों को लगता है कि थूक निगलने से रोज़ा टूट जाएगा, इसलिए वे बार-बार थूकते रहते हैं। ऐसा करने से मुंह सूख जाता है और प्यास ज़्यादा लगती है। जबकि ऐसा नहीं है, मुंह के अंदर मौजूद अपने थूक को निगलने से रोज़ा हरगिज़ नहीं टूटता। यह अल्लाह की तरफ से दी गई एक सहूलियत है।

अगर मसूड़ों से खून निकलता है, तो इसमें एक बारीक लेकिन ज़रूरी मसला है:

  • अगर खून थूक से कम है (यानी थूक का रंग पीलापन लिए हुए है) और हलक में चला जाए, तो रोज़ा नहीं टूटेगा।
  • लेकिन, अगर खून थूक के बराबर या उससे ज़्यादा है (थूक लाल हो जाए) और आप उसे हलक के नीचे उतार लें और खून का स्वाद महसूस करें, तो रोज़ा टूट जाएगा।

नाखून काटने, बाल कटवाने, या शरीर के गैर-ज़रूरी बाल (बगल या नाफ के नीचे के बाल) साफ करने से रोज़े पर कोई असर नहीं पड़ता। इनका पेट या हलक से कोई कनेक्शन नहीं है।

सर्दी-ज़ुकाम होने पर अगर नाक सुड़कते वक्त या अनजाने में बलगम हलक के नीचे उतर जाए, तो इससे रोज़ा नहीं टूटता। इसे लेकर वहम में पड़ने की ज़रूरत नहीं है।

अगर आपकी तबीयत खराब हो और आपको अचानक खुद-ब-खुद उल्टी आ जाए (चाहे कितनी भी हो), तो रोज़ा नहीं टूटता। रोज़ा तब टूटता है जब मुंह में ऊँगली दाल कर जान बूझ कर उलटी की जाये|

सुनन अबी दाऊद (2380) के मुताबिक,

Roza Kin Chizon Se Nahi Tootta?

जिन लोगों को पान खाने की आदत है, अगर उन्होंने सहरी खत्म होने से पहले अच्छी तरह कुल्ली करके मुंह साफ कर लिया है, लेकिन ज़बान या मुंह में पान की सिर्फ लाली (रंगत) बाकी रह गई है, तो उस लाली के साथ थूक निगलने से रोज़ा नहीं टूटता। शर्त बस इतनी है कि मुंह में पान के टुकड़े या सुपारी बाकी न हो।

अगर आप सड़क पर चल रहे हैं और अनजाने में कोई मक्खी/मच्छर, सड़क की धूल, या किसी चीज़ का धुआं आपके हलक में चला जाए, तो इससे रोज़ा नहीं टूटता। क्योंकि इसपर इंसान का कोई ज़ोर नहीं है।

रोज़े की हालत में बालों या शरीर पर तेल लगाने, आँखों में सुरमा लगाने, या कपड़ों पर इत्र (खुशबू) लगाने से रोज़े पर कोई आंच नहीं आती। यह महज़ एक गलतफहमी है कि इत्र की महक दिमाग तक जाने से रोज़ा टूट जाता है।

सुनन अबू दाऊद (2378)

अगर किसी तकलीफ की वजह से रोज़े की हालत में आपको अपनी आँख या कान में दवा (Drops) डालनी पड़े, तो इससे आपका रोज़ा नहीं टूटता।

और इसकी वजह बहुत साफ है: आँख और कान सीधे तौर पर पेट (Stomach) का रास्ता नहीं हैं। उलमा और जदीद मेडिकल साइंस के मुताबिक, क्योंकि ये दवाएं सीधे पेट तक नहीं पहुँचतीं और यह खाने-पीने के हुक्म में नहीं आता, इसलिए रोज़ा बिल्कुल महफूज़ रहता है।

जैसे कि हमने इत्र लगाने का ज़िक्र किया, ठीक उसी तरह किसी इत्र, परफ्यूम या ताज़े फूल की खुशबू को सूँघने से भी रोज़ा हरगिज़ नहीं टूटता। खुशबू की महक का एहसास सिर्फ हमारे दिमाग तक जाता है, पेट में नहीं।

(नोट: बस इस बात का ख्याल रखें कि अगरबत्ती, लोबान या किसी भी चीज़ का ‘गाढ़ा धुआं’ जानबूझकर नाक से अंदर न खींचें, क्यूंकि खींचने से रोज़ा टूट सकता है, लेकिन सिर्फ महक या खुशबू सूँघने से रोज़े पर कोई असर नहीं पड़ता।)

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या अस्थमा (Asthma) के मरीज इनहेलर (Inhaler) इस्तेमाल कर सकते हैं?

ज़्यादातर उलमा के मुताबिक, इनहेलर में मौजूद दवा के बारीक कतरे हलक के रास्ते पेट में जाते हैं, इसलिए इससे रोज़ा टूट जाता है। ऐसे मरीजों को चाहिए कि अगर हालत ज़्यादा खराब हो तो इनहेलर लें, और बाद में उस रोज़े की कज़ा करें। (अपने मुफ्ती से मशवरा ज़रूर करें)।

Q2. क्या रोज़े में खून (Blood Test) दिया जा सकता है?

जी हाँ, टेस्ट के लिए खून देने से रोज़ा नहीं टूटता। हालांकि, अगर खून देने से इतनी कमज़ोरी आ जाए कि रोज़ा पूरा करना मुश्किल हो, तो ऐसा करना मकरूह (नापसंद) है।

Q3. क्या गलती से पानी पी लेने पर कफ्फारा देना होगा?

नहीं। अगर गलती से पानी पी लिया है (यानी याद नहीं था), तो रोज़ा पूरा करें, कुछ भी लाज़िम नहीं। अगर याद होने के बावजूद गलती से कुल्ली का पानी गले में उतर गया, तो सिर्फ उस एक रोज़े की ‘कज़ा’ (बाद में एक रोज़ा रखना) होगी, कफ्फारा नहीं।

Q4: क्या उल्टी से रोज़ा टूट जाता है?

अगर खुद जानबूझकर कराई,तो हाँ, टूट जायेगा । लेकिन उल्टी ख़ुद-ब-खुद हुई तो नहीं।

Q5: क्या आँख में ड्रॉप डालने से रोज़ा टूटता है?

नहीं, रोज़ा सही है।

आखिरी पैगाम और रूहानी दुआ

रोज़ा सिर्फ एक रस्म नहीं है, यह खालिक (बनाने वाले) और मखलूक (बंदे) के बीच का एक छुपा हुआ राज़ है। जब आप प्यास से तड़पते हुए भी ठंडे पानी के गिलास को हाथ नहीं लगाते, तो आप अल्लाह को गवाह बनाते हैं कि आपकी मोहब्बत दुनिया की हर चीज़ से बड़ी है। कोशिश करें कि आपका रोज़ा सिर्फ पेट का न हो, बल्कि आँखों, कानों और सबसे बढ़कर आपके अख्लाक का भी हो।

दुआ:

"ऐ अल्लाह! 
हमारे इन टूटे-फूटे रोज़ों को अपनी बारगाह में कुबूल फरमा।
हमारी भूल-चूक को माफ कर दे और हमें रोज़े की हकीकी रूह तक पहुँचने की तौफीक अता फरमा।
या रब! रमज़ान के इस पाक महीने को हमारी बख्शिश और मगफिरत का ज़रिया बना दे।
आमीन।"

Leave a Comment